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श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा”

श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा”

हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भक्ति और आस्था के अनुपम संगम में परिवर्तित कर दिया।

अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों का देशभर में तेजी से विस्तार हो रहा है। इसी पावन श्रृंखला में श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में आयोजित तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” के तृतीय दिवस पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भक्ति और आस्था के अनुपम संगम में परिवर्तित कर दिया।

कथा व्यास श्री तुलसी गोपाला जी के श्रीमुख से प्रवाहित नानी बाई के मायरे की भावपूर्ण कथा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भक्ति रस में डूबा विशाल जनसमूह, प्रभु के जयकारे और श्रद्धा से भरा वातावरण — मानो पूरा परिसर सनातन संस्कृति की जीवंत अनुभूति करा रहा था।

अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का संकल्प है कि सेवा के साथ सनातन संस्कारों की यह ज्योति देश के कोने-कोने तक निरंतर प्रज्वलित होती रहे।

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कार्यक्रम की झलकियाँ

श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 1 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 2 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 3 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 4 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 5 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 6 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 7 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 8 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 9 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 10 श्री परशुराम सेवा सदन, गुवाहाटी में तीन दिवसीय “श्री नानी बाई का मायरा” — चित्र 11

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