सेवा • संस्कार • समर्पण राष्ट्रीय कार्यालय : श्री परशुराम सेवा सदन, छत्रीबाड़ी, गुवाहाटी
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संगठन एवं कार्यप्रणाली

क्रियान्वयन

संकल्प से क्रियान्वयन तक

इन आठ प्रकल्पों को धरातल तक पहुँचाने के लिए अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का लक्ष्य देशभर में चरणबद्ध तरीके से प्रदेश, जिला एवं स्थानीय Chapter Network विकसित करना है।

लेकिन संगठन विस्तार का उद्देश्य केवल पदाधिकारी बनाना या इकाइयों की संख्या बढ़ाना नहीं होगा। प्रत्येक Chapter को मापनीय सामाजिक परिणामों, विद्यार्थी सहायता, शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सहयोग से जोड़ा जाएगा। प्रदेश से जिले और जिले से स्थानीय स्तर तक Chapter Network विकसित करने का लक्ष्य रहेगा।

प्रदेश Chapter

राज्य स्तर पर प्रकल्पों का समन्वय, संसाधन जुटाव एवं जिला इकाइयों का मार्गदर्शन।

जिला Chapter

पात्र विद्यार्थियों एवं युवाओं की पहचान, कार्यक्रमों का आयोजन एवं परिणामों की रिपोर्टिंग।

स्थानीय Chapter

समाज के अंतिम छोर तक पहुँच — जरूरतमंद परिवारों तक सहयोग एवं अवसर पहुँचाना।

कार्यसंस्कृति

गैर-राजनीतिक, समाज-केंद्रित, परिणाम-आधारित

अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन पूर्णतः गैर-राजनीतिक, समाज-केंद्रित, परिणाम-आधारित सामाजिक मंच के रूप में कार्य करेगा। अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले व्यक्ति समाजहित के साझा उद्देश्य से इससे जुड़ सकेंगे, लेकिन संगठन का मंच किसी राजनीतिक दल अथवा चुनावी हित के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा।

संगठन के लिए व्यक्ति से बड़ा समाज, पद से बड़ा दायित्व और घोषणा से बड़ा परिणाम होगा।
कार्यकर्ता

कार्यकर्ता कल्याण कोष

कार्यकर्ताओं एवं उनके परिवारों की आकस्मिक Medical Emergency, गंभीर विपदा अथवा विशेष संकट में तत्काल सहायता के उद्देश्य से “कार्यकर्ता कल्याण कोष” स्थापित किया जाएगा। इस कोष में प्रतिमाह ₹50,000 का योगदान दिया जाएगा। आवश्यकता के समय सहायता संबंधित कार्यकर्ता की पहचान एवं परिस्थितियों की गोपनीयता और उसके आत्मसम्मान की पूर्ण रक्षा करते हुए प्रदान करने का प्रयास होगा।

जिस कार्यकर्ता ने संगठन को अपना समय दिया, संगठन उसके सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।

आइए, इस संकल्प का हिस्सा बनें

हम सहायता लेने वाला समाज नहीं, एक-दूसरे को सक्षम बनाने वाला समाज बनाना चाहते हैं। सक्षम व्यक्ति से समर्थ परिवार, समर्थ परिवार से सशक्त समाज और सशक्त समाज से समृद्ध राष्ट्र तक।